Sunday, 12 March 2017

पुरुषों से आखिर क्या चाहती हैं महिलाएं

पुरुषों से आखिर क्या चाहती हैं महिलाएं, यह समस्या दुनिया भर के पुरुषों की है। वह प्राय: समझ ही नहीं पाते?
पुरुष महिलाओं को खुश रखने के लिए क्या-क्‍या जतन नहीं करते। तब भी कई बार ऐसे मौके आते हैं कि वह समझ नहीं पाते कि उनको क्‍या पसंद है।

महिलाए पुरूषों के मुकाबले अधिक रहस्यमयी होती हैं। इसीलिए महिलाओं को ऐसा हमसफर चाहिए होता है जो उनकी बात कहे बिना ही समझ जाएं।

महिलाएं आर्थिक तौर पर फैशनेबल और स्टाइलिश पुरूषों को अधिक पसंद करती हैं लेकिन फिर भी यह जानना थोड़ा मुश्किल है कि महिलाओं को कब क्या चीज पसंद आ जाए। आइए जानें, आखिर पुरूषों से क्या चाहती हैं महिलाएं-

* आमतौर पर महिलाएं पुरूषों में कुछ चीजों को तलाशती हैं जैसे- पुरुषों का भोलापन, पुरूषों की समझदारी और सोचने की शक्ति। महिलाओं को अधिकतर वहीं पुरूष पसंद आते हैं जो महिलाओं का सम्मान करें और मन में भेदभाव की भावना न रखें।

* महिलाएं अधिकतर संवेदनशील और अधिक प्यार करने वाले पुरूषों को ही पसंद करती हैं। ज्यादातर महिलाएं ऐसा हमसफर चाहती हैं जो उन्हें समझें और उनके काम को इज्जत दें।

* बहुत सी महिलाएं अपने पार्टनर को खुश करने की कोशिश करती हैं लेकिन महिलाएं ये चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनके लिए कुछ खास करें। महिलायें हमेशा उम्मीद करती हैं कि उनका पार्टनर उनको सरप्राइज दें या फिर कोई सरप्राइज प्लान करें।

* कई महिलाएं सेक्स के दौरान अपने पार्टनर से संतुष्ट नहीं होती, ऐसे में वे उम्मीद करती हैं कि सेक्स के दौरान उनका पार्टनर उनको पूरी तरह से खुश करें।

* महिलाओं को अपनी तारीफ सुनना बहुत पसंद होता हैं, इसीलिए उन्हें ऐसे पुरूष अधिक पसंद आते हैं जो मौके की नजाकत देखते हुए उनकी तारीफ किए बिना नहीं भूलते।

* महिलाएं बहुत भावुक होती हैं इसीलिए अकसर महिलाएं अपने पार्टनर से सपोर्ट की उम्मीद करती है।

* आमतौर पर महिलाएं ऐसे पुरूषों को अधिक पसंद करती है जो प्यार भरी बातचीत करें और उनको समय दें।

* महिलाओं को डेटिंग करना पसंद होता है, ऐसे में वो बाहर घूमने-फिरने और डेटिंग करने वाले पुरूषों को अधिक पसंद करती है।

* कुछ महिलाएं ऐसे पुरूषों को बहुत अधिक पसंद करती हैं जो महिलाओं की आजादी के पक्षघर हो महिला के साथ होने के बावजूद उनके जीवन में बहुत ज्यादा हस्तक्षेप न करें।

* बहुत सी महिलाओं को ऐसे पुरूष बहुत अच्छें लगते हैं तो समय की नजाकत को समझते हो और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो।

* महिलाओं को बहुत अधिक झगडालू पुरूष पसंद नहीं जो बात-बात पर झगड़े और बात की तह तक जाने से पहले ही यथास्थिति को खराब कर दें।

* महिलाओं को अंहकारी और पुरूष होने के अहम वाले पुरूष बिल्कुल पसंद नहीं आते।

कैसा लगा

चीजें जो हर भारतीय महिला अपने पति से चाहती है!

भारत में महिलाएं अपने पति से ढेर सारी देखभाल की चाह रखती हैं| यदि आप अपनी पत्नी से प्यार करेंगे तो वह भी निश्चित ही आपसे अच्छा व्यवहार करेगी| लेकिन कई चीजें हैं जो एक भारतीय पत्नी अपने पति से चाहती है| यदि आप इस बारें में जानेंगे कि एक पत्नी अपने पति से क्या चाहती है तो आप आश्चर्य करेंगें| हम आपको बताते हैं, सोना एक ऐसी चीज है जिसके लिए कोई भी भारतीय महिला ना नहीं कहेगी| बेशकीमती सोना उपहार में मिलने पर आप उनकी आँखों में एक अज्ब चमक और उत्साह देख सकते हैं| इसलिए भारतीय पुरुष किसी भी अवसर पर अपनी पत्नी के लिए सोना खरीदते आसानी से देखे जा सकते हैं|


इन भौतिकवादी चीजों के अलावा विवाहित पुरुषों को महिलाओं को खुश करने के लिए उनकी और भी कई इच्छाओं से दो चार होना पड़ता है| यद्यपि पुरुष को वह कई बार कटु लग सकती है लेकिन एक लम्बे और ख़ुशी वैवाहिक जीवन के लिए उसकी इच्छाओं को मानना बहुत जरुरी है| भौतिकवादी चीजों के अलावा सबसे पहली चीज जो भारतीय नारी अपने पति से चाहती है वो है कि वह अपनी पत्नी को अपनी माँ से ज्यादा तवज्जो दे| वह यह भी चाहती है कि उसका पति घर पे ऑफिस से ज्यादा वक्त बिताये| इनकी तरह ही भारतीय महिलाएं अपने पतियों से कई अन्य चीजें चाहती हैं|

घर पे ज्यादा समय बिताएं

शादी के बाद कई चीजें बदल जाती हैं उनमे से एक है अपनी पत्नी के महत्त्व को समझना जो कि आपके और आपके बच्चों के लिए माँ की भूमिका निभाती है| इसलिए उसके साथ समय बिताना माँ के साथ समय बिताने से ज्यादा जरुरी है|

उसको सुनने की कोशिश करें

हम जानते हैं की पुरुष हमेशा सही होते हैं लेकिन बहुत सी बार औरत का कहना भी सही होता है| यह उन बड़ी चीजों में से जिसकी एक औरत को अपनी पति से सबसे ज्यादा जरुरत होती है| तो अहम का त्याग करो और उसकी सुनो|

खाना बनाना भी सीखें

जब आपकी पत्नी बीमार होती है तो उससे आशा मत करो की वह आप पेट भरा रखेगी| इस प्रकार कठिन समय के लिए आपको खाना बनाना सीखना चाहिए| सभी पत्नियां शायद इस बात से सहमत होंगी|

कभी कभार झाड़ू भी उठाएं

घर के आस पास काम करना ऐसी चीज है जो हर पत्नी अपने पति से चाहती है| यह आपका भी घर है इसलिए झाड़ू उठाओ और सफाई में जुट जाओ|

 

बच्चे को भी संभालें

जब पत्नी घर के अन्य कामों में व्यस्त है तो आपको चाहिए कि आप बच्चे को संभालें| एक पिता होने के नाते यह जानना जरुरी है कि बच्चों के साथ समय बिताने से परिवार में खुशियां आती हैं|

 

पत्नी को महत्त्व दें

यह भी ऐसी चीज है जो हर पत्नी अपने पति से चाहती है| कई पुरुष परिवार के साथ या दोस्तों के साथ होने पर पत्नी को भूल जाते हैं जो कि गलत है|

महीने के उस समय में पत्नी का साथ दें

महीने के उस समय में पत्नी अपने पति का साथ चाहती है| इस दौरान वह किसी के पास आना और गले लगाना और कंधे पर सिर रखना चाहती है|

पत्नी को और ज्यादा आदर दें

हर औरत चाहती है कि उसका पति उसे पूरा सम्मान दे| उस पर हाथ न उठायें, गली गलोच या गलत शब्दावली इस्तेमाल नहीं करें|

हम दोनों सही हैं

एक पुरुष होने के नाते आपको अपनी पत्नी को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर देना चाहिए और यह जरुरी नहीं कि वह हर बात सत्यापित करे| आखिर वह भी एक पढ़ी लिखी और स्वतंत्र है और वास्तविक दुनिया में रहती है|

 

प्यार में पारदर्शिता रखें

जहाँ तक प्यार को प्रदर्शित करने का सवाल ही कुछ पुरुष इसमें पारदर्शिता नहीं रखते हैं| यदि आपकी पत्नी आपको खुश रखना चाहती है तो आप भी शब्दों से काम चलने की बजाय उसे अपना प्यार दिखाओ|

महिलाओं द्वारा की जाने वाली 9 सेक्स मिस्टेक्स

यह परेशानी सिर्फ आरती की नहीं है, बल्कि अधिकतर महिलाओं को इस प्रकार की परेशानी से दो चार होना पड़ता है, क्योंकि अक्सर महिलाएं अंतरंग पलों में जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठती है जो पुरुष को ना पसंद होती है और जिसका परिणाम यह होता है की सेक्स लाइफ में परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाती है, इसलिए बहुत जरुरी है महिलाएं कुछ बातों का ख़ास ध्यान रखें। डॉक्टर अनूप धीर कहते है, ‘ वैवाहिक जीवन में रोमांस को बनाए रखना एक कला है, इसलिए पति-पत्नी दोनों को चाहिए की आपसी समझदारी से प्यार के सागर में डूबे और सुखी वैवाहिक जीवन का भरपूर आनंद उठाएं।

यह बात सही है की यौन संबंध जीवन का एक अहम अंग है, पर कुछ कारणों से महिलाएं इसका आनंद नहीं उठा पाती है, क्योंकि उनके मन में सेक्स के प्रति अनिच्छा घर कर जाती है, जिसको निकालना जरुरी होता है, आखिर शादी को सफल बनाने में सेक्सुअल लाइफ अच्छी होनी चाहिए इसलिए कुछ चीज़ों का ध्यान बहुत जरुरी होता है।

क्या करें

यह बात सही है की सेक्स सिर्फ तन की जरुरत नहीं है, बल्कि प्यार जताने का माध्यम भी है, इसलिए बाहर जरुरी है की वैवाहिक जीवन में रोमन को बनाए रखने के लिए बहुत कुछ छोटी-छोटी बातें व सेक्स ट्रिक्स अपनाई जाएँ, ताकि शादी-शुदा ज़िन्दगी प्यार से सरोबार रहे।

1. आज मूड नहीं


भागती-दौड़ती ज़िन्दगी में समयाभाव के चलते सेक्सुअल लाइफ ज्यादा प्रभावित हो रही है, जिसका नतीजा यह है की पति-पत्नी जब बैडरूम में होते है, तो मुंह फेर कर या तो सो जाते है या फिर आज मूड नहीं का बहाना बनाकर टाल देते है, जो की गलत है।

क्या करें ?

मूड नहीं है की शिकायत को एक नियम के तौर पर न ले, बल्कि इस व्यवहार को बदले, क्योंकि अगर यह बात एक बार रिश्तों के बीच आ गई तो हमेशा बनी रहेगी।  इसलिए मूड खराब है या मूड नहीं है जैसी चीज़ों को पास फटकने न दें, बल्कि मूड को बदलकर सेक्स का भरपूर मज़ा उठाए।

2. संवादहीनता –


सेक्स के दौरान पत्नी क्या चाहती है, यह बात पति नहीं जान पाता क्योंकि पत्नी कभी खुलकर इस बारे में कहती नहीं है, जो सेक्सुअल लाइफ में ज़हर का काम करती है।

क्या करें ?

प्यार और रिश्ते की मजबूती लिए कम्युनिकेशन का होना बहुत जरुरी है, इसलिए इसे न तोड़े, क्योंकि इससे सेक्स लाइफ बेहतर होती है, मतलब बिना झिझक के खुलकर बात करें।

3. संतुष्टि न मिलना –


महिलाएं अक्सर यही सोचती हैं की वह किसी न किसी रूप में अपने पार्टनर को संतुष्ट करें। उनकी इस प्रकार की सोच पति के रुझान को काम करती है, क्योंकि सेक्स में संतुष्टि सिर्फ पति की नहीं होती है।

क्या करें ?

महिलाओं की तरह पति भी चाहते हैं कि पत्नी को पूरी संतुष्टि मिलें, इसलिए अगर सेक्सुअल लाइफ में पति की तरफ से कुछ परेशानी है तो उन्हें बताएं, ताकि वो उस कमी को दूर करके आपको पूरी तरह संतुष्ट कर सकें।

4. पहले तुम, पहले तुम-


अक्सर देखने में आता है की पति ही सेक्स के लिए पहल करता है, पत्नी कभी नहीं करती। इस तरह का व्यवहार यह दर्शाता है की सामने वाले की चाहत है बस, जो की पति को पसंद आती।

क्या करें ?

चलिए हमेशा वो पहल करते हैं तो फिर कभी-कभी क्यों न आप पहल करें। अरे जनाब बराबर का हिसाब रखें। आपके द्वारा की गई पहल क्या असर दिखाएंगी, वो तो पहल करने पर ही पता चलेगा। आपकी एक छोटी-सी पहल सेक्स लाइफ में नई स्फूर्ति का संचार कर सकती है।

5. फोर प्ले का न होना-


जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, सेक्स को अधिकतर स्त्रियां एक झंझट के तौर पर लेने लगती है।  उन्हें लगने लगता है बस जल्दी से ये काम खत्म हो।  पत्नी का इस तरह का व्यवहार पति को दुखी करता है, जिसके कारण वो फोर प्ले का आनंद नहीं उठा पाते।

क्या करें ?

सेक्स को बेहतर बनाने के लिए जरुरी है की फोर प्ले का भरपूर मज़ा उठाएं, क्योंकि जितना बेहतर फोर प्ले होगा उतना ही अच्छा सेक्स होगा। इसके समय को काम करने के बजाए बढ़ाएं। नए-नए तरीकों से फोर प्ले करे, ताकि उत्साह बना रहे।

6. उत्साह में कमी –


सेक्स के दौरान कई बार स्त्रियां अपने उत्साह को दबाए रखती है, उनको लगता है की पति कुछ गलत न समझे। आपका इस तरह का व्यवहार पार्टनर को यह दर्शाता है की आप सिर्फ औपचारिकता निभा रही है।

क्या करें ?

पूरे जोश के साथ पार्टनर का साथ दें, ताकि उसको ये न लगे की आपका उत्साह कम है, उनको उत्साहित करने के लिए हंसी-मजाक का भी सहारा ले सकती है। आपका उत्साह देखकर पति को यह महसूस होगा की आप उनसे पूरी तरह जुडी हुई है।

7. बंधनों में बंधना –


सेक्स के दौरान अधिकतर महिलाएं पति को कुछ नियमों में बाँध देती है, जैसे-लाइट ऑफ़ करना, समय का ध्यान आदि।  उनके इस तरह के बंधन से पति का मूड काफी खराब हो जाता है, जिसको कंट्रोल कर पाना पति के हाथ में नहीं होता और वह सारा गुस्सा पत्नी पर निकालते है।

क्या करें ?

पति को किसी प्रकार के बंधन में न बांधे, बल्कि अपनी सोच को बदले।  अपने आप से कुछ प्रश्न करें और अगर आपको लगे की आपको उन प्रश्नों का उत्तर नहीं मिल रहा है तो पति से शेयर करें, वो आपकी समस्या का समाधान कर सारी परेशानियों को दूर कर देंगे।

8. बदलाव का मन हो –


सेक्सुअल लाइफ में अगर पति थोड़ा चेंज लाना चाहते हैं तो पत्नी फ़ालतू का काम कह कर इग्नोर कर देती है। वह सोचती है की बस एक काम है, जिसको खत्म करना जरुरी है।  उनकी यह सोच पति के एक्सपेरिमेंट पर पानी फेर देती है।

क्या करें ?

पतिदेव सेक्सुअल लाइफ में बदलाव चाहते है तो उन्हें करने दीजिए, क्योंकि एक जैसी सेक्स लाइफ से वह बोर हो जाते है। इसलिए अलग प्रकार के पोजीशन ट्राई करे। बस आप एक मौका तो उन्हें दीजिए, फिर देखिएगा ज़िन्दगी कितनी रंगीन हो जाएगी।

9. सचेत रहना –


फिगर को लेकर महिलाये बहुत ज्यादा कांशियस रहती है।  दिलो-दिमाग में यह बात घर कर जाती है की अगर वह मोटी या बहुत ज्यादा पतली हो गई तो पति उनको छोड़ देगा।  उनकी यही सोच सेक्स में नीरसता लाती है।

क्या करें ?

सबसे पहले अपनी सोच को बदले।  अगर आप फिगर को लेकर सतर्क रहती है तो एक्सरसाइज़ करें। एक बात को गाँठ बाँध ले की एक बेहतर सेक्स के लिए शरीर से ज्यादा जरुरी होता है प्यार।

महिलाएं चाहती हैं, आप जानें सेक्‍स के ये 12 राज..

सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त महिलाएं किसी पुरुष से क्‍या चाहती हैं, यह हमेशा से ही शोध का विषय रहा है. इस पर पहले भी काफी कुछ लिखा जा चुका है. इसी मुद्दे पर ताजातरीन रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं. सेक्‍स से जुड़े विषय के एक्‍सपर्ट्स के अलावा 700 से ज्‍यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्‍यक्‍त किए हैं. महिलाएं बिस्‍तर पर क्‍या चाहती हैं मर्द से, जानिए वो 12 राज...

  • 1. सिर्फ कामक्रीड़ा पर ही हो पूरा ध्‍यान

  • बिस्‍तर पर महिला पार्टनर की यौन-इच्‍छा को तृप्‍त करने के लिए सबसे जरूरी चीज है- ‘जज्‍बा’. सर्वे में शामिल करीब 42 फीसदी महिलाओं ने यह बात स्‍वीकार की है. महिलाएं कई तरीके से पुरुषों के प्‍यार को महसूस करती हैं, जिनमें सबसे ज्‍यादा इनका ध्‍यान खींचता है आपके मुंह से की गईं ‘शरारतें’. आंखों में आंखें डालकर प्‍यार जताना, होठों को संवेदनशील अंगों पर फिराना, किसी और तरीके से देह को छूना महिलाओं को भाता है. जीभ के अगले भाग से नाजुक अंगों का स्‍पर्श भी महिलाओं का मन मचलने के लिए काफी होता है.

  • 2. फोरप्‍ले की अहमियत सबसे ज्‍यादा

  • कामक्रीड़ा का असली मजा सिर्फ चरम तक पहुंचने पर ही नहीं है, बल्कि इसके हर पल का भरपूर आनंद लेना चाहिए. फोरप्‍ले भी इसका अहम पार्ट है, जिसका अपना मजा है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि फोरप्‍ले के दौरान होने वाली उत्तेजना एकदम अलग तरह की होती है. महिलाओं ने कहा कि पुरुषों को सेक्‍स के मामले में थोड़ा ‘क्रिएटिव’ होना चाहिए. कुछ नया और एकदम अलग अंदाज में किया जाना महिलाओं को खूब भाता है.

  • 3. ‘आनंद’ व ‘संतुष्टि’ में फर्क है

  • किंसले इंस्टिट्यूट के शोध में यह पाया गया कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी यह माना कि उन्‍हें कंडोम के बिना यौन संबंध ज्‍यादा अच्‍छा लगता है. पर महिलाओं ने यह भी माना कि दरअसल संभोग के दौरान कंडोम का इस्‍तेमाल किए जाने पर उन्‍हें ज्‍यादा सुकून मिलता है. यह सुकून 'प्रोटेक्‍शन' को लेकर होता है. सर्वे में शामिल महिलाओं ने कहा कि कंडोम यौन रोगों से बचाव का यह कारगर तरीका है. इसके इस्‍तेमाल से महिलाएं खुलकर सेक्‍स का भरपूर मजा ले पाती हैं.

  • 4. धीरे-धीरे, आराम से...

  • सभी महिलाएं यही चाहती हैं कि उसके बेहद कोमल अंगों को शुरुआती दौर में ज्‍यादा तकलीफ न दी जाए. महिलाएं पुरुषों से चाहती हैं कि वे उसके सेंसिटिव अंगों के साथ संवेदनशीलता से ही पेश आएं. मतलब यह कि संभोग के दौरान वे चाहे तो जीभ व उंगलियों का इस्‍तेमाल करके जरूरी उत्तेजना पैदा करें, पर कष्‍ट देने से बाज आएं.

  • 5. वातावरण का भी पड़ता है असर

  • शोध के दौरान 50 फीसदी महिलाओं ने स्‍वीकार किया कि संभोग के दौरान अनुकूल मौसम व वातावरण न होने की वजह से वे चरम तक न पहुंच सकीं. महिलाओं ने माना कि दरअसल पुरुषों के ठंडे पांव की वजह से उन्‍हें ज्‍यादा तकलीफ होती है. डॉ. होल्‍सटेज ने कहा कि सेक्‍स के दौरान वातावरण भी काफी मायने रखता है. अगर कमरे का तापमान अनुकूल रहता है, तो यह सेक्‍स का मजा बढ़ा देता है.

  • 6. सेक्‍स के दौरान पोजिशन का भी रखें खयाल

  • सेक्‍स संबंध बनाने के दौरान पोजिशन का भी खयाल रखना बेहद जरूरी होता है. स्‍त्री के निचले भाग को अगर दो-तीन तकियों के सहारे थोड़ा-सा और ऊपर उठाकर संभोग किया जाए, तो इससे संसर्ग ठीक से हो पाता है. वह स्थिति भी बेहतर होती है, जब स्‍त्री लेटे हुए पुरुष के ऊपर आकर संभोग करती है. इससे स्त्रियां ‘उन’ अंगों में ज्‍यादा उत्तेजना महसूस करती हैं.
    एक और पोजिशन महिलाओं व पुरुषों को अच्‍छा लगता है, वह है ‘डॉगी स्‍टाइल’. मतलब, जिसमें स्‍त्री घुटनों और हाथों के बल खुद को संतुलित किए रहती है और पुरुष उसके ठीक पीछे जाकर संभोग करता है.

  • 7. तरीके तो और भी हैं...

  • ऑस्‍ट्रेलियन सेक्‍स रिसर्चर जूलियट रिचटर्स कहती हैं कि सर्वे में शामिल पांच में से केवल एक महिला ने माना कि वे केवल एकदम नॉर्मल तरीके से किए गए संभोग से ही चरम तक पहुंच जाती हैं. ज्‍यादातर युवा महिलाओं का मानना था कि वे अपने पार्टनर से चाहती है कि वे सेक्‍स के दौरान अपने हाथ और मुंह का भी ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें. उन्‍हें अपनी किताब के लिए 19 हजार लोगों पर किए गए सर्वे के दौरान इस तथ्‍य का पता चला.

    90 फीसदी से ज्‍यादा महिलाओं ने माना कि वे केवल सेक्‍स के दौरान अपने पार्टनर द्वारा मुख का भी इस्‍तेमाल किए जाने के बाद चरम तक पहुंचती हैं.
    रिसर्च में पाया गया कि जब कामक्रीड़ा आरामदायक तरीके से, धीरे-धीरे, पर लगातार किया जाता है, तो जोड़े चरम तक जल्‍दी पहुंच जाते हैं.

  • 8. जल्‍दबाजी की, तो गए ‘काम’ से

  • सर्वे में शामिल महिलाओं में से केवल पचास फीसदी ने कहा कि वे 10 मिनट या इससे कम वक्‍त में ही चरम तक पहुंच जाती हैं. सेक्‍स मेडिसिन के एक जर्नल में प्रकाशित स्‍टडी के मुताबिक, सेक्‍स में जल्‍दबाजी दिखलाने पर पुरुष तो संतुष्‍ट हो जाते हैं, पर महिलाएं चरम तक नहीं पहुंच पाती हैं. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी होती है कि वे बिना हड़बड़ी दिखलाए अपनी पार्टनर को लंबे गेम में साथ लेकर चलें.

  • 9. संवेदनशील अन्‍य अंगों को पहचानें

  • सेक्‍स पर शोध करने वालों ने पाया है कि केवल G-स्‍पॉट ही आनंद देने के लिए पर्याप्‍त नहीं है, बल्कि महिलाओं के शरीर में और भी ऐसे भाग हैं, जहां संवेदना ज्‍यादा होती है. इसमें A- स्‍पॉट भी शामिल है, जहां सहलाने से महिलाओं का शरीर यौन क्रिया के लिए शारीरिक रूप से तैयार हो पाता है. इस काम में उंगलियों की कारस्‍तानी काम आती है.

  • 10. तैयारी को ठीक से परखें

  • कोई स्‍त्री संभोग के लिए तैयार है या नहीं, यह परखने में भी कई बार भूल हो जाती है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में लेक्‍चरर बरबरा कीसलिंग का मानना है कि सिर्फ बाहरी लक्षण से ही इसकी पहचान संभव नहीं है. इनकी नजर में ‘बटरफ्लाई पोजिशन’ सबसे ज्‍यादा बेहतर है.

  • 11. ‘कीमत’ तो अदा करनी ही पड़ती है...

  • अगर महिला अपने थकाऊ काम या नींद की कमी की वजह से परेशान है, तो इसक स्थिति में वह मुश्किल से उत्तेजित होती है. ऐसे में पुरुषों की जिम्‍मेदारी बढ़ जाती है. पुरुषों को चाहिए कि वे व्‍यंजन पकाने या कपड़े धोने आदि काम में इनकी मदद करें. सर्वे में शामिल महिलाओं ने माना कि ऐसी स्थिति में जब पुरुष उनके काम में मदद करते हैं कि उन्‍हें बेहतर एहसास होता है.

  • 12. जरूरी नहीं कि हर बार चरम तक पहुंचा ही जाए

  • महिला हर बार चरम तक पहुंच ही जाए, यह कोई जरूरी नहीं है. कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता. ऐसे में जबरन आधे घंटे तक ‘खेल’ जारी रखने की बजाए इसे खत्‍म करना बेहतर रहता है. चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्‍मेदार नहीं होता. फिर भी अगर महिला चाहे, तो आप अपने हाथों और उंगलियों से उसे संतुष्‍ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर इस क्रीड़ा का आनंद ही मायने रखता है.

    इन 6 वजहों से गैर मर्द के साथ सब कुछ करना चाहती है औरते

    वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ-साथ शारीरिक संबंधों की जरूरत मर्द और औरत दोनों को ही होती है हालांकि सेक्स से जुड़ी किसी भी बात को पुरुष बड़े आराम से शेयर कर लेते हैं जबकि महिलाएं शर्म और हिचकिचाहट महसूस करती हैं। यही कारण है कि स्त्री सेक्स का चरम सुख और पूर्ण आनन्द प्राप्त करने के बारे में स्वयं कुछ नहीं कहती लेकिन सेक्स एक ऐसी आग है जो भड़कने के बाद आसानी से शांत नहीं होती। इसी चक्कर में वह अन्य पुरुष की तरफ आकर्षित होती हैं लेकिन महिला का किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध बनाने के ओर भी कई कारण हो सकते हैं। अकसर ऐसी खबरें सामने आतीं हैं कि शादीशुदा महिला ने गैर-मर्दों से शारीरिक संबंध बनाए या इस कारण कहीं कोई कत्ल हो गया। भारतीय समाज के लिए ऐसी खबरें अच्छी तो नहीं हैं, लेकिन कभी यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर ऐसा होता ही क्यों है…आज हम आपको बताने जा रहे है इसके कारण….

    वैस्टर्न कल्चर का इफैक्ट

    विदेशों में अधिकांश युवक-युवती शादी के पहले ही सेक्स आनंद प्राप्त कर चुके होते हैं। वहां स्त्री-पुरुष एक को छोड़कर दूसरे के साथ शादी कर लेते हैं। उनके वैवाहिक संबंध भी थोड़े दिनों में ही टूट जाते हैं। फर्क इतना है कि वे लोग इस तरह के नाजायज संबंध को उछालते नहीं हैं। इस तरह के संबंधों का भारत जैसे देशों में आना अपने आप में स्त्री को दूसरे पुरुष के पास जाने के लिए उत्साहित करता है।

    पैसे की चाह

    पैसे चाह में भी महिलाएं किसी अमीर शख्स से नाजायज संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाती हैं। पति द्वारा उनकी इच्छाएं पूरी न कर पाना, कम आय की वजह से ऐशोआराम की जिंदगी न दे पाने की वजह से महिलाएं बाहर किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध बनाने को भी तैयार हो जाती हैं।

    उम्र का मैच न होना

    किसी भी लड़की की शादी समान उम्र के लड़के से न करना एक बहुत बड़ी समस्या है। लड़की की शादी चाहे छोटे उम्र के लड़के से हो या अधिक बड़े उम्र के लड़के से दोनों ही स्थिति में लड़की ही परेशान होती है। अयोग्य शादी के कारण पुरुष को तो सेक्स से संतुष्टि मिल जाती है, लेकिन स्त्री को सेक्स से संतुष्टि नहीं मिलती।

    पति का पास न रहना

    कई बार पति के साथ नहीं होने के कारण महिला अकेलापन महसूस करती हैं। कई बार पार्टनर काम के सिलसिले में देश से बाहर होते हैं। पार्टनर के अकेलेपन को दूर करने के लिए वह बाहर सहारा ढूंढती हैं।

    आपसी मतभेद

    हर पति-पत्नी में लड़ाई होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा लड़ाई रिश्ते को खराब करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि दोनों की आपस में बिल्कुल नहीं बनती तो दोनों संबंध बनाने से भी कतराएंगे। इस हालात में महिलाएं बाहर रिश्ता बनाना चाहेंगी। कई बार वे ऐसा कर भी लेती हैं।

    शारीरिक संबंधो में अंसतुष्टि

    कई बार महिलाएं अपने पति के साथ यौन संबंधों से संतुष्ट नहीं होतीं। इस बात को वह खुलकर पति को नहीं बोल पातीं। इस कारण भी वह बाहर की और भागती है।

    सेक्स के बाद क्या चाहती हैं महिलाएं?

    आमतौर पर पुरुष संभोग के तुरंत बाद या तो सो जाते है, या फिर अपनी पार्टनर से दूर बैठ जाते हैं।एक शोध में यह स्पष्ट हो चुका है कि मर्द सेक्स करने के तुरंत बाद सो जाते हैं। महिलाओं को पुरूषों की यह आदत अच्छी नहीं लगती।  ऐसा करने पर कई बार पार्टनर का मूड खराब भी हो जाता है। 

    कुछ बातें ऐसी होती हैं जिस पर यदि आप ध्यान रखें -

  • सेक्‍स के तुरंत बाद कभी सोयें नहीं। इससे महिला को लगता है कि आप सिर्फ मतलब से उसके करीब आते हैं।
  • संभोग के बाद आप अपने हाथों से हलके-हलके स्‍पर्श करते हुए प्‍यार की बाते करें। इससे महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस करती है।
  • सेक्‍स के तुरंत बाद सोने के बजाय उनसे बात करें और प्यार जताएं। महिलाएं इसकी कमी महसूस करती हैं। 
  • संभोग के बाद आप अपनी पार्टनर से पूछें कि उन्‍हें कैसा लगा, कौन सी यौन क्रिया में उन्‍हें सबसे ज्‍यादा आनंद आया, प्‍यार के वक्‍त उन्‍हें क्‍या चीज़ सबसे अच्‍छी लगी, आदि। उन बातों को अगली बार आज़माकर आप अपनी पार्टनर के और ज्‍यादा करीब जा सकते हैं।
  • ऐसा बहुत कम होता है कि महिला दोबारा संभोग के लिए कहे। महिलाएं कभी भी प्‍यार के बाद आराम नहीं चाहती, जबकि अधिकांश पुरुष इस क्रिया के बाद सोना पसंद करते हैं। यदि आपकी पार्टनर दोबारा संभोग के लिए कहे, तो मना मत करिये। 
  • महिलाएं सेक्स क्यों चाहती हैं?

    किसी सहकर्मी के बड़े गले वाली ड्रेस से दिखने वाले वक्षों के बीच का अंतराल, क्लास की किसी लड़की के आकर्षक पैर, यहाँ तक कि किसी अजनबी महिला के परफ्यूम कि खुशबू- अचानक सेक्स कि ज़रूरत महसूस होना और कामोत्तेजित हो जाना पुरुषों के मामले में कोई बड़ी बात नहींI और एक बार दिमाग में सेक्स घुस आये तो पुरुषों का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ ओर्गास्म होता है और ये सारी प्रक्रिया काफी स्पष्ट और सरल ही होती हैI

    वहीँ महिलाओं कि कहानी ज़रा जटिल होती हैंI हाल ही कि रिसर्च ये खुलासा करती है कि महिलाओं के शारीरिक उत्तेजना कि क्या कहानी है, उनके सेक्स कि चाह के क्या कारण हैं और ये सब पुरुषों से अलग कैसे हैI

    अचानक मूड में

    पुरुषों से अलग, महिलाएं हर समय सेक्स के मूड में नहीं रहतीI बल्कि कई बार इसका उल्टा सच होता है जब वो अपने कामोत्तेजित पुरुष साथी के सख्त लिंग को देखकर मूड में आने लगती हैं और फिर अचानक कामोत्तेहित हो जाती हैंI

    वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी वजह हैं महिलाओं की 'प्रतिक्रियात्मक चाह'-जैसे की उनका मूड उनके पार्टनर द्वारा किये गए काम की प्रतिक्रिया से बन सकता है जैसे कि पार्टनर का उनके स्तन को छूनाI लेकिन पुरुष अक्सर बरबस ही कामोत्तेजना महसूस करने में सक्षम हैं और इसी कारण अक्सर वो गलत समय पर और गलत जगह पर जननांग के सख्त हो जाने के कारण शर्मिंदा हो सकते हैंI

    इसका अर्थ ये बिलकुल नहीं कि महिलाएं कभी बरबस सेक्स उत्तेजना महसूस ही नहीं कर सकतीI उनके लिए बरबस उत्तेजना अक्सर नए रिश्तों में या अपने पार्टनर से काफी समय दूर रहने के बाद देखि जाती हैI

    छुअन और किसिंग

    सेक्स के दौरान भी, पुरुषों से अलग महिलाओं का एकमात्र उद्देश्य ओर्गास्म नहीं होताI बेशक चरम तक पहुंचना हर महिला को पसंद है, लेकिन महिलाओं कि प्राथमिकता केवल यही नहीं होती.भावनात्मक जुड़ाव और प्यार का प्रदर्शन महिलाओं के सेक्स की चाह की कुछ वजह हैंI और यदि सेक्स के उपरांत वो अच्छा महसूस कर पाती है तो इस बार का ख़ास अनुभव और यादें उसे अगली बार कामोत्तेजित करने में सहयोग करते हैंI

    तो यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड का मूड बनाने की कोशिश में हैं तो इन् बातों को याद रखें, प्यार की छुअन और चुम्बन उसका मूड बनाने में मदद कर सकते हैंI और यदि ओर्गास्म नहीं भी हुआ, तो इसका अर्थ ये बिलकुल नहीं की उसे अच्छा अनुभव नहीं हुआI

    महिला क्यों बनाती है गैर मर्द से संबंध?

    वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ-साथ शारीरिक संबंधों की जरूरत मर्द और औरत दोनों को ही होती है हालांकि सैक्स से जुड़ी किसी भी बात को पुरुष बड़े आराम से शेयर कर लेते हैं जबकि महिलाएं शर्म और हिचकिचाहट महसूस करती हैं।

    यही कारण है कि स्त्री सैक्स का चरम सुख और पूर्ण आनन्द प्राप्त करने के बारे में स्वयं कुछ नहीं कहती लेकिन सैक्स एक ऐसी आग है जो भड़कने के बाद आसानी से शांत नहीं होती। इसी चक्कर में वह अन्य पुरुष की तरफ आकर्षित होती हैं लेकिन महिला का किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध बनाने के ओर भी कई कारण हो सकते हैं।

    चलिए आज इन्हीं कारणों की तरफ गौर करते हैंः

    सैक्स में अंसतुष्टि

    कई बार महिला अपने पति के साथ संबंधों से संतुष्ट नहीं होती। इस बात को वह खुलकर कह नहीं पाती, जिसकी वजह से बाहर की ओर भागती है।

    सैक्स के बारे में अल्प ज्ञान

    सैक्स के मामले में पुरुषों की मानसिकता अजीब होती है। पुरुष अक्सर स्त्री के साथ सेक्स करते समय स्वयं सैक्स का पूरा आनन्द लेना तो चाहता है जबकि वह कभी यह जानने कि कोशिश नहीं करता, जिसकी वजह से वह खुश नहीं रह पाती और अन्य पुरुष से यह संतुष्टि पाना चाहती हैं।

    अकेलापन

    कई बार पति के साथ न होने की वजह से वह अकेलापन महसूस करती हैं। कई बार पार्टनर काम के सिलसिले में देश से बाहर होते हैं। पार्टनर के अकेलेपन को दूर करने के लिए वह बाहर सहारा ढूंढती हैं।

    आपसी अनबन

    लड़ाई हर पति-पत्नी में होती है लेकिन जरूरत से ज्यादा लड़ाई रिश्ते को खराब करती है। अगर दोनों की आपस में बिलकुल नहीं बनती तो जाहिर सी बात है कि दोनों संबंध बनाने से भी कतराते होंगे। ऐसे में कुछ महिलाएं बाहर रिश्ता बना लेती हैं।

    अयोग्य लड़का-लड़की का विवाह

    आज भी बहुत से गांव में छोटी उम्र की लड़की की शादी बड़े उम्र के आदमी से कर दी जाती है। मां-बाप लड़की की शादी करके सोचते हैं कि उसके सिर का बोझ उतर गया लेकिन वे यह नहीं जानते की इस तरह की शादी किसी लड़की के लिए कितना घातक है, शादी के बाद वह ऐसे मर्द के साथ खुश नहीं रह पाती क्योंकि वह उसकी मंशाओं को संतुष्ट नहीं कर पाता न ही दोनों की सोच मिलती हैं ऐसे में महिला का किसी और पुरुष की ओर आकर्षित होना लाजमी है।

    शादी समान उम्र में न होना

    किसी भी लड़की की शादी समान उम्र के लड़के से न करना एक बहुत बड़ी समस्या है। लड़की की शादी चाहे छोटे उम्र के लड़के से हो या अधिक बड़े उम्र के लड़के से दोनों ही स्थिति में लड़की ही परेशान होती है। अयोग्य शादी के कारण पुरुष को तो सैक्स से संतुष्टि मिल जाती है लेकिन स्त्री को सैक्स से संतुष्टि नहीं मिलती। स्त्री को सेक्स संतुष्टि न मिलने के कारण स्त्री दूसरे पुरुष के साथ सेक्स संबंध बनाने पर मजबूर हो जाती है।

    पैसे की ललक और चाह

    पैसे की ललक औऱ चाह में भी महिलाएं किसी अमीर शख्स से नाजायज संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाती हैं। पति द्वारा उनकी इच्छाएं पूरी न कर पाना, कम आय की वजह से ऐशों आराम की जिंदगी न दे पाने की वजह से महिलाएं बाहर किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध बनाने को भी तैयार हो जाती हैं।

    गर्भ निरोधक गोलियां

    गर्भ निरोधक योजनाओं के कारण स्त्रियों के लिए नाजायज संबंध बनाना आसान हो गया है। इसका कारण यह है कि पहले जब गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध नहीं थे तो स्त्री गर्भ ठहरने के डर से नाजायज संबंध बनाने से डरती थी लेकिन अब तो प्रैग्नेंसी रोकने के लिए बाजार में ऐसी बहुत सारी चीजें मौजूद हैं। ऐसे में वह निसंकोच बाहर संबंध बनाने के लिए आजाद होती हैं।

    पश्चिमी सभ्यताओं का प्रभाव

    लोग अक्सर यह सोचते हैं कि इस देश में यदि पश्चिमी देशों की तरह नियम होते तो कितना मजा होता और सैक्स संबंध पर किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होती। पश्चिमी देशों में अधिकांश युवक-युवती सैक्स आनन्द प्राप्त कर चुके होते हैं। वहां स्त्री-पुरुष एक को छोड़कर दूसरे के साथ शादी कर लेते हैं। उनके वैवाहिक संबंध भी थोड़े दिनों में ही टूट जाते हैं। फर्क इतना है कि वे लोग इस तरह के नाजायज संबंध को उछालते नहीं हैं। इस तरह के संबंधों का भारत जैसे देशों में आना अपने आप में स्त्री को दूसरे पुरुष के पास जाने के लिए उत्साहित करता है।

    पति का किसी और से अफेयर

    कई बार पति का अफेयर किसी ओर महिला के साथ होता है जिसकी वजह से वह उसे कभी भी उस नजर से असेप्ट नहीं करता, जिसकी वजह से महिला खुद को टूटा हुआ महसूस करती है, जिससे वह भी किसी ओर से प्यार की उम्मीद करती हैं और रिश्ता बनाती है।

    मर्द से क्या चाहती है औरत!

    हर मर्द को ये जानना चाहिए कि कोई महिला उससे क्या चाहती है। रिसर्च में कुछ बातें सामने आईं हैं जिसके मुताबिक ये साफ हो गया है कि कोई महिला किसी पुरूष से क्या चाहती है। ऐसी 11 बातें हैं जिनका एक मर्द में होना सबसे अधिक ज़रूरी है।



    1- स्मार्ट लुक एक फैक्टर हो सकता है लेकिन जैसा आप सोचते हैं वैसा है नहीं, क्योंकि महिलाएं अच्छे लुक वाले लोगों के साथ शॉर्ट रिलेशनशिप रखना पसंद करती हैं।
    2- महिलाओं को अच्छे सेन्स ऑफ ह्यूमर वाले मर्द ज्यादा भाते हैं।
    3- किसी भी औरत का सपना ऐसे मर्द के साथ लंबे रिश्ते में जीना होता है तो समाज के बारे में सोचे। लोगों की मदद करे।
    4- महंगी गाड़ी भी महिलाओं का आकर्षित करती है। तो आप देर मत कीजिए, ना सही महंगी थोड़ी कम रेंज की गाड़ी ही खरीद लीजिए।
    5- महिलाओं को अपने से बड़े उम्र के मर्द ज्यादा लुभाते हैं क्यों कि वो अधिक मैच्योर होते हैं।
    6- दाढ़ी के मामले में कुछ महिलाओं को दाढ़ी पसंद होती है तो कुछ महिलाओं को क्लीन शेव्ड मर्द अच्छे लगते हैं।
    7- औरतें उन मर्दों के करीब ज्यादा होना चाहती हैं जो उन्हें भाव नहीं देते। लिहाज़ा आप लड़कियों के आगे पीछे घूमना छोड़ कर थोड़ा एटीट्यूड दिखाएं।
    8- जो मर्द जानवरों को प्यार करते हैं उन्हें महिलाओं का भी प्यार मिलता है।
    9- जो मर्द हर मामले में सिर्फ अंदाज़ा लगाते हैं, उनसे महिलाएं नफरत करने लगती हैं। महिलाएं उन्हें ही पसंद करती हैं, जो तर्कों के साथ अपनी बात रखते हैं।
    10-आप अब तक महिला को ही लाल रंग के कपड़ों में देखना पसंद करते थे लेकिन जनाब महिलाएं भी आपको लाल शर्ट या टीशर्ट में देखना पसंद करती हैं।
    11-औरतों को जोखिम उठाने वाले मर्द ज्यादा भाते हैं। इसलिए आप जब रिस्क उठाएंगे, तभी किसी का हाथ थाम पाएंगे।

    हर औरत कुछ अलग चाहती है

    औरतें क्या चाहती हैं? सदियों से ये सवाल आम आदमी से लेकर, मनोवैज्ञानिकों, वैज्ञानिकों तक को तंग करता रहा है. सिगमंड फ्रायड जैसे महानतम मनोवैज्ञानिक हों या हॉलीवुड के अभिनेता मेल गिब्सन, सब इस सवाल को लेकर परेशान रहे हैं.

    इस पहेली के बारे में हज़ारों क़िताबें, लेख, ब्लॉग पोस्ट लिखे जा चुके हैं. लाखों बार इस मसले पर बहस हो चुकी है. मर्द ही क्यों, ख़ुद महिलाएं भी इस मसले पर अक्सर चर्चा करती पाई जाती हैं.

    मगर, इस पर लंबी चौड़ी चर्चाओं, हज़ारों क़िताबों, बरसों की रिसर्च के बावजूद औरतों की ख़्वाहिश की कोई एक परिभाषा, कोई एक दायरा तय नहीं हो पाया है. और न ही ये तय हो पाया है कि आख़िर उनके अंदर ख़्वाहिश जागती कैसे है? उन्हें किस तरह से संतुष्ट किया जा सकता है?

    हालांकि बरसों की मेहनत बर्बाद हुई हो, ऐसा भी नहीं है. आज हम काफ़ी हद तक महिलाओं की सेक्स संबंधी ख़्वाहिशों को समझ सकते हैं. महिलाओं की कामेच्छा के बारे में पहले के बंधे-बंधाए ख़्यालों के दायरे से बाहर आ रहे हैं. पहले कहा जाता था कि महिलाओं की चाहत कभी पूरी नहीं की जा सकती. वो सेक्स की भूखी हैं. उनमें ज़बरदस्त काम वासना है.

    लेकिन, अब वैज्ञानिक मानने लगे हैं कि औरतों की सेक्स की चाहत को किसी एक परिभाषा के दायरे में नहीं समेटा जा सकता. ये अलग-अलग औरतों में अलग-अलग होती है. और कई बार तो एक ही स्त्री के अंदर, सेक्स की ख़्वाहिश के अलग दौर पाए जाते हैं.

    अमरीका की रटगर्स यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर बेवर्ली व्हिपल कहती हैं, 'हर औरत कुछ अलग चाहती है.'

    तमाम नए रिसर्च से अब ये भी साफ़ हो चला है कि सेक्स के मामले में औरतों और मर्दों की चाहतों और ज़रूरतों में कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं होता. जबकि पहले ये माना जाता था कि मर्दों को, औरतों के मुक़ाबले सेक्स की ज़्यादा चाहत होती है. लेकिन, अब तमाम रिसर्च से ये साफ़ हो चला है कि कुछ मामूली हेर-फेर के साथ औरतों और मर्दों में सेक्स की ख़्वाहिशें कमोबेश एक जैसी होती हैं.

    पहले जब ये सवाल किया जाता था कि महीने में आपको कितनी बार सेक्स की ज़रूरत महसूस हुई? तो जवाब ऐसे मिलते थे जिनसे लगता था कि मर्दों को ज़्यादा बार ज़रूरत महसूस हुई. मगर जब यही सवाल घुमाकर किया गया कि कुछ ख़ास मौक़ों पर, साथी से नज़दीकी पर, बातचीत के दौरान, आपको कितनी बार सेक्स की ख़्वाहिश हुई? तो, औरतों और मर्दों के जवाब कमोबेश एक बराबर चाहत ज़ाहिर करने वाले थे.

    ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेस लोरी ब्रॉटो कहती हैं कि इससे हमारी ये धारणा टूटती है कि औरतों को सेक्स में कम दिलचस्पी होती है. हां, उनकी ख़्वाहिशें अलग तरह की होती हैं.

    एक और बात जो अब बेहतर ढंग से समझी जा रही है वो ये कि औरतों के अंदर सेक्स की चाहत उनके मासिक धर्म के हिसाब से बढ़ती घटती रहती है. मासिक धर्म शुरू होने से कुछ पहले उन्हें सेक्स की ज़्यादा ज़रूरत महसूस होती है. वर्जिनिया यूनिवर्सिटी की मनोवैज्ञानिक एनिटा क्लेटन कहती हैं कि, सेक्स हमारी बुनियादी ज़िम्मेदारी, यानी बच्चे पैदा करने का ज़रिया है.

    इसीलिए जब महिलाओं के अंदर अंडाणु बनने लगते हैं तो उन्हें सेक्स की ज़्यादा ज़रूरत महसूस होती है. क्लेटन कहती हैं कि ये तो आज के दौर का चलन है कि सेक्स और बच्चे पैदा करने को अलग-अलग किया जा रहा है. क़ुदरती तौर पर तो दोनों एक ही हैं.

    पहले डॉक्टर ये भी मानते थे कि मर्दों का हारमोन टेस्टोस्टेरान, महिलाओं में यौनेच्छा जगाता है. इसीलिए जब महिलाएं सेक्स की कम ख़्वाहिश की परेशानी लेकर डॉक्टरों के पास जाती थीं तो उन्हें टेस्टोस्टेरान लेने का नुस्खा बताया जाता था. बल्कि बहुत से डॉक्टर आज भी यही इलाज कम यौनेच्छा महसूस करने वाली महिलाओं को सुझा रहे हैं.

    जबकि तमाम रिसर्च के बाद ये कहा जाने लगा है कि महिलाओं में सेक्स की इच्छा से टेस्टोस्टेरेान का कोई ताल्लुक़ नहीं. मिशिगन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारी वान एंडर्स कहती हैं कि, सेक्स की चाहत के असर से हारमोन का बहाव तेज़ होता है. और लोग समझते उल्टा हैं.

    उन्हें लगता है कि हारमोन के ज़्यादा रिसाव से सेक्स की चाहत पैदा होती है. बल्कि वो तो ये भी कहती हैं कि सेक्स की इच्छा का हारमोन से कोई ताल्लुक़ ही नहीं.

    सेक्स के दौरान भी महिलाओं को अलग-अलग एहसास होते हैं. वो मर्दों की तरह उत्तेजना, चरमोत्कर्ष और तसल्ली के एहसास से रूबरू हों, ऐसा ज़रूरी नहीं. महिलाओं के मामले में सेक्स बंधी-बंधाई लक़ीर पर चलने वाली चीज़ नहीं. सब कुछ उलट-पुलट हो जाता है. कई बार ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें ऑर्गैज़्म पहले महसूस हो और साथी के छुअन की ज़रूरत बाद में.

    उन्हें उत्तेजित करने के लिए हर बार यौन अंगों से छेड़खानी करनी पड़े, ऐसा भी ज़रूरी नहीं. कई बार इसके ख़्याल से ही उन्हें तसल्ली हो जाती है. उनके लिए सेक्स एक दिमाग़ी तजुर्बा है. मर्दों के मामले में ऐसा हमेशा नहीं होता.

    ज़रूरी नहीं कि महिलाओं की ख़्वाहिश हर बार सेक्स करके पूरी हो. हर औरत अलग तरह से तसल्ली महसूस करती है. अलग-अलग वक़्त में एक औरत भी कई तरह के एहसास से गुज़रती है. कई बार उन्हें हस्तमैथुन से ही तसल्ली मिल जाती है. कइयों को सिर्फ़ सेक्स के ख़्याल से ही ऑर्गैज़्म हो जाता है.

    कइयों को पूरी तरह तसल्ली के लिए साथी की ज़रूरत होती है. कई बार महिलाएं, साथी के साथ होकर भी उसके साथ सेक्स के बग़ैर यौन सुख महसूस कर लेती हैं.

    औरतों में सेक्स की ख़्वाहिश जगाने के ज़रिए भी कई तरह के होते हैं. जैसे किसी को यौन अंगों से छेड़-छाड़ के बाद सेक्स की ज़रूरत लगती है. किसी को किस करने से उत्तेजना हो जाती है. कुछ अपने साथी पर हावी होकर तसल्ली महसूस करती हैं. इसका दायरा भी बहुत व्यापक है.

    अब तो पोर्न उद्योग भी औरतों के हिसाब से पोर्न फ़िल्में बनाने लगा है. पहले ऐसी फ़िल्में सिर्फ़ मर्दों के लिए बनायी जाती थीं. अब तो औरतों की ख़्वाहिशों को ध्यान में रखकर पोर्न फ़िल्में बन रही हैं.

    मनोवैज्ञानिक स्तर पर बात करें तो हमें अब भी नहीं पता कि औरतों के अंदर सेक्स की चाहत कैसे जगती है? बल्कि हमें तो ये भी नहीं पता कि ये चाहत होती कैसी है? ये दिमाग़ से शुरू होती है या शरीर के किसी और ख़ास हिस्से से?

    हालांकि सेक्स की ज़रूरत न महसूस होने की कुछ वजहें तो अब पक्के तौर पर मालूम हो चुकी हैं. कामकाजी महिलाएं अक्सर कम यौनेच्छा की शिकायत करती हैं. घर और दफ़्तर का तनाव उनकी ख़्वाहिशों पर हावी हो जाता है. इसी तरह बच्चे पैदा होने पर भी महिलाओं को सेक्स की कम ज़रूरत महसूस होने लगती है.

    महिलाओं के ऊपर आस-पास के माहौल का बहुत असर पड़ता है. अगर तनाव है तो उनके अंदर सेक्स की चाहत कम होना तय है. अमरीका और ब्रिटेन में पचास फ़ीसद औरतें, साल में कई बार कम सेक्स की चाहत की शिकायत करती हैं. ऐसा अक्सर दुनियावी फिक्र की वजह से होता है

    लेकिन, ये स्थायी भाव नहीं. इस परेशानी को माहौल बदलकर, औरतों को रिलैक्स महसूस कराकर दूर किया जा सकता है. उनके अंदर फिर से सेक्स की इच्छा जगायी जा सकती है. इसके लिए साथी को रिश्तों में नयापन लाने के तरीक़े तलाशने होंगे. रोज़ाना कुछ नया करके, जिस्मानी रिश्तों का ठंडापन दूर किया जा सकता है.

    वैसे पंद्रह फ़ीसदी औरतें ऐसी भी हैं जो कम यौनेच्छा की वजह से तनाव की शिकायत करती हैं. इनमें से कई तो अपने साथी का मन रखने के लिए सेक्स करती हैं. जो उनके लिए बहुत तकलीफ़देह होता है. सेक्स के दौरान भी उनका ध्यान किसी और बात में होता है. जैसे कि कहीं उनका साथी उन्हें छोड़कर चला ना जाए.

    महिलाओं में सेक्स की कम इच्छा की परेशानी दूर करने के कई इलाज आज उपलब्ध हैं. हालांकि इनमें से कोई भी कामयाबी की सौ फ़ीसद गारंटी नहीं देता. आज मनोवैज्ञानिक तरीक़े से भी महिलाओं में ख़्वाहिशों को फिर से ज़िंदा किया जा रहा है. ध्यान और योग के ज़रिए उनकी दिमाग़ी सेहत बेहतर की जाती है.

    ऐसे ही मेडिटेशन की क्लास में उन महिलाओं को उनकी ख़ूबियों के बारे में बताया जाता है. उनके शरीर के उन ख़ास हिस्सों के बारे में रूबरू कराया जाता है, जहां छूने से उन्हें उत्तेजना हो सकती है.

    कई लोग महिलाओं में सेक्स की इच्छा जगाने के लिए फीमेल वियाग्रा की भी सिफ़ारिश करते हैं. 'एडी' नाम की इस दवा को अमरीकी सरकार से भी हरी झंडी मिल गई है. लेकिन, वैज्ञानिक और डॉक्टर, दोनों मानते हैं कि 'एडी', महिलाओं में सेक्स की इच्छा जगाने में बहुत कारगर नहीं. क्योंकि ये औरतों की कामेच्छा के सिर्फ़ एक पहलू को टारगेट करती है.

    जबकि किसी औरत के अंदर सेक्स की ख़्वाहिश के कई पहलू होते हैं. जबकि इस दवा के कई साइड इफेक्ट हैं. इसे लेने से उन्हें उल्टी, थकान, सिरदर्द, नींद न आने की शिकायत हो सकती है. वो ये दवा लेने के बाद शराब भी नहीं पी सकतीं.

    जानकार सलाह देते हैं कि महिलाओं के अंदर ख़्वाहिश जगाने के लिए मनोवैज्ञानिक पहलू पर काम करना ज़्यादा बेहतर तरीक़ा है. उनके आस-पास के माहौल को बेहतर किया जाना चाहिए. उनके तनाव की वजह को दूर किया जाना चाहिए. वो अच्छा महसूस करेंगी तो उनके अंदर ख़्वाहिश ख़ुद ब ख़ुद जगेगी.

    वैसे महिलाएं अपने अंदर सेक्स की कम चाहत को तब तक परेशानी के तौर पर नहीं देखतीं, जब तक वो किसी रिश्ते में नहीं बंधतीं. उसके बाद साथी की मांग का दबाव उन्हें सेक्स की कम इच्छा की दिक़्क़त का एहसास कराता है.

    ज़रूरी नहीं कि साथी की इच्छा के बराबर ही महिलाओं को भी सेक्स की चाहत महसूस हो. बेहतर होगा कि दोनों मिल-बैठकर इस बारे में बात करें और एक दूसरे की ज़रूरतों और ख़्वाहिशों को समझने की कोशिश करें.

    जहां तक ख़्वाहिशों की बात है, इसका कोई ओर-छोर नहीं. ये अलग-अलग इंसानों में ही नहीं, कई बार एक ही इंसान के अंदर अलग-अलग होती है. किसी में कम होती है या ज़्यादा होती है, ये कहना भी ग़लत है. क्योंकि कम कितना है, ज़्यादा कितना है, इसका भी कोई पैमाना नहीं.